छोटे भाई नें बहन की चूत फाड़ चुदाई की

 
loading...

मेरा नाम पिंकी है मेरा छोटा भाई मुकेश बारहवीं में पढ़ता है। वह गोरा चिट्टा और क़रीब मेरे ही बराबर लंबा भी है और वह मुझे दीदी कहता है। मैं इस समय 20 की हूँ और वह 18 का। मुझे मुकेश के गुलाबी होंठ बहुत प्यारे लगते हैं, दिल करता है कि बस चबा लूँ। पापा मिस्त्री है और माँ प्राइवेट जॉब में हैं। माँ कई बार जॉब की वजह से कहीं बाहर जाती रहती हैं उन दिनों मैं घर में बस हम दो भाई बहन ही रह जाते थे।

एक बार माँ तीन दिनों के लिए बाहर गई थी। रात को हमने डिनर के बाद कुछ देर टीवी देखा फिर अपने-अपने कमरे में सोने के लिए चले गये।

क़रीब एक घंटे बाद प्यास लगने की वजह से मेरी नींद खुल गई। बोतल देखी तो ख़ाली थी, मैं उठकर रसोई में पानी पीने गई तो लौटते समय देखा कि मुकेश के कमरे की लाइट जल रही थी और दरवाज़ा भी थोड़ा सा खुला था। मुझे लगा कि शायद वह लाइट ऑफ करना भूल गया है, मैं ही बंद कर देती हूँ। मैं चुपके से उसके कमरे में गई लेकिन अंदर का नज़ारा देखकर मैं हैरान हो गई।

मुकेश एक हाथ में कोई किताब पकड़कर पढ़ रहा था और दूसरे हाथ से अपने तने हुए लंड को पकड़कर मुट्ठ मार रहा था। मैं कभी सोच भी नहीं सकती थी कि इतना मासूम लगने वाला लड़का ऐसा भी कर सकता है। मैं दूर चुपचाप खड़ी उसकी हरकत देखती रही, लेकिन शायद उसे मेरी उपस्थिति का आभास हो गया, उसने मेरी तरफ़ मुँह फेरा और दरवाज़े पर मुझे खड़ा पाकर चौंक गया।

वह बस मुझे देखता रहा और कुछ भी ना बोल पाया। फिर उसने मुँह फ़ेर कर किताब तकिए के नीचे छुपा दी। मुझे भी समझ ना आया कि क्या करूँ। मेरे दिल में यह ख़्याल आया कि कल से यह लड़का मुझसे शरमायगा और बात करने से भी कतराएगा। घर में इसके अलावा और कोई है भी नहीं जिससे मेरा मन बहलता।

मुझे अपने दिन याद आए, मैं और मेरा एक कज़न इसी उमर के थे जबसे हमने मज़ा लेना शुरू किया था, तो इसमें कौन सी बड़ी बात हुई अगर यह मुट्ठ मार रहा था।

मैं उसके पास गई और उसके कंधे पर हाथ रखकर उसके पास ही बैठ गई वह चुपचाप रहा।

मैंने उसके कंधों को दबाते हुए कहा- अरे यार, अगर यही करना था, तो कम से कम दरवाज़ा बंद कर लिया होता।

वह कुछ नहीं बोला, बस मुँह दूसरी तरफ़ किए रहा।

मैंने अपने हाथों से उसका मुँह अपनी तरफ़ किया और बोली- अभी से यह मज़ा लेना शुरू कर दिया? कोई बात नहीं, मैं जाती हूँ, तू अपना मज़ा पूरा कर ले। लेकिन ज़रा यह किताब तो दिखा।

मैंने तकिए के नीचे से किताब निकाल ली। वह हिंदी में लिखी मस्तराम की किताब थी। मेरा कज़न भी बहुत सी किताबें इसी लेखक की लाता था और हम दोनों ही मज़े लेने के लिए साथ-साथ पढ़ते थे। चुदाई के समय खानियों के डायलोग बोलकर एक दूसरे का जोश बढ़ाते थे।

जब मैं किताब उसे देकर बाहर जाने के लिए उठी तो वह पहली बार बोला- दीदी, सारा मज़ा तो आपने ख़राब कर दिया, अब क्या मज़ा करूँगा।

“अरे, अगर तूने दरवाज़ा बंद किया होता तो मैं आती ही नहीं !”

“अगर आपने देख लिया था तो चुपचाप चली जाती !”

अगर मैं बहस मैं जीतना चाहती तो आसानी से जीत जाती लेकिन मेरा वह कज़न क़रीब 6 महीने से नहीं आया था इसलिए मैं भी किसी से मज़ा लेना चाहती ही थी। मुकेश मेरा छोटा भाई था और बहुत ही सेक्सी लगता था इसलिए मैंने सोचा कि अगर घर मैं ही मज़ा मिल जाए तो बाहर जाने की क्या ज़रूरत। फिर मुकेश का लौड़ा अभी कुंवारा था। मैं कुंवारे लंड का मज़ा पहली बार लेती इसलिए मैंने कहा- चल अगर मैंने तेरा मज़ा ख़राब किया है तो मैं ही तेरा मज़ा वापस कर देती हूँ।

मैं पलंग पर बैठ गई और उसे चित्त लिटाया और उसके मुरझाए लंड को अपनी मुट्ठी में ले लिया। उसने बचने की कोशिश की पर मैंने लंड को पकड़ लिया था।

अब मेरे भाई को यक़ीन हो चुका था कि मैं उसका राज़ नहीं खोलूँगी इसलिए उसने अपनी टांगें खोल दी ताकि मैं उसका लंड ठीक से पकड़ सकूँ। मैंने उसके लंड को बहुत हिलाया, सहलाया लेकिन वह खड़ा ही नहीं हुआ।

वह बड़ी मायूसी के साथ बोला- देखा दीदी, अब खड़ा ही नहीं हो रहा है।

“अरे क्या बात करते हो ! अभी तुमने अपनी बहन का कमाल कहाँ देखा है, मैं अभी अपने प्यारे भाई का लंड खड़ा कर दूँगी।” ऐसा कह मैं भी उसकी बगल में ही लेट गई, मैं उसका लंड सहलाने लगी और उसे किताब पढ़ने को कहा।

“दीदी मुझे शर्म आती है !”

“साले अपना लंड बहन के हाथ में देते शर्म नहीं आई?” मैंने ताना मारते हुए कहा- ला, मैं पढ़ती हूँ।

और मैंने उसके हाथ से किताब ले ली। मैंने एक कहानी निकाली जिसमें भाई बहन के डायलोग थे और उससे कहा- मैं लड़की वाला बोलूँगी और तुम लड़के वाला।

मैंने पहले पढ़ा- अरे राजा, मेरी चूचियों का रस तो बहुत पी लिया, अब अपना बनाना शेक भी तो मुझे चखा !

“अभी लो रानी, पर मैं डरता हूँ इसलिए कि मेरा लंड बहुत बड़ा है तुम्हारी नाज़ुक कसी चूत में कैसे जाएगा।”

और इतना पढ़ कर हम दोनों ही मुस्करा दिए क्योंकि यहाँ हालत बिल्कुल उल्टे थे। मैं उसकी बड़ी बहन थी और मेरी चूत बड़ी थी और उसका लंड छोटा था। वह शरमा गया लेकिन थोड़ी सी पढ़ाई के बाद ही उसके लंड में जान भर गई और वह तन कर क़रीब 6 इंच का लंबा और 1.5 का मोटा हो गया।

मैंने उसके हाथ से किताब लेकर कहा- अब इस किताब की कोई ज़रूरत नहीं। देख, अब तेरा खड़ा हो गया है, तू बस दिल में सोच ले कि तू किसी की चोद रहा है और मैं तेरी मुट्ठ मार देती हूँ।

मैं अब उसके लंड की मुट्ठ मार रही थी और वह मज़ा ले रहा था, बीच बीच में सिसकारियाँ भी भरता था। एकाएक उसने अपने चूतड़ उठाकर लंड ऊपर की ओर ठेला और बोला- बस दीदी !

और उसके लंड ने गाढ़ा पानी फैंक दिया जो मेरी हथेली पर गिरा। मैं उसके लंड के रस को उसके लंड पर लगाती और उसी तरह सहलती रही और कहा- क्यों भाई, मज़ा आया?

“सच दीदी, बहुत मज़ा आया !”

“अच्छा यह बता कि ख़्यालों में किसकी ले रहा था?”

“दीदी शर्म आती है, बाद मैं बताऊँगा !” इतना कह उसने तकिए में मुँह छुपा लिया।

“अच्छा चल अब सो जा, नींद अच्छी आएगी। और आगे से जब ये करना हो तो दरवाज़ा बंद कर लिया करना !”

“अब क्या करना दरवाज़ा बंद करके दीदी, तुमने तो सब देख ही लिया है !”

“चल शैतान कहीं का !” मैंने उसके गाल पर हल्की सी चपत मारी और उसके होंठों को चूमा। मैं और क़िस करना चाहती थी पर आगे के लिए छोड़ कर वापस अपने कमरे में आ गई।

अपनी शलवार कमीज़ उतार कर नाईटी पहनने लगी तो देखा कि मेरी कच्छी बुरी तरह भीगी हुई है मुकेश के लंड का पानी निकालते निकालते मेरी चूत ने भी पानी छोड़ दिया था। अपना हाथ कच्छी में डालकर अपनी चूत सहलाने लगी तो स्पर्श पाकर मेरी चूत फिर से सिसकने लगी और मेरा पूरा हाथ गीला हो गया। चूत की आग बुझाने का कोई रास्ता नहीं था सिवा अपनी उंगली के।

मैं बेड़ पर लेट गई, मुकेश के लंड के साथ खेलने से मैं बहुत उत्तेजित थी और अपनी प्यास बुझाने के लिए अपनी बीच वाली उंगली जड़ तक चूत में डाल दी, तकिए को सीने से कसकर भींचा और जांघों के बीच दूसरा तकिया दबा आँखें बंद की और मुकेश के लंड को याद करके उंगली अंदर-बाहर करने लगी। इतनी मस्ती छा गई थी कि क्या बताऊँ, मन कर रहा था कि अभी जाकर मुकेश का लंड अपनी चूत में डलवा लूँ।

उंगली से चूत की प्यास और बढ़ गई इसलिए उंगली निकाल तकिए को चूत के ऊपर दबा औंधे मुँह लेटकर धक्के लगाने लगी। बहुत देर बाद चूत ने पानी छोड़ा और मैं वैसे ही सो गई।



loading...

और कहानिया

loading...


Online porn video at mobile phone


garamgaramsaxsexkahaniantyxxxbhae bhane chuddae kahaniantarvasnabhai bhan sex storis hindiपहली सुहागरात फक dost.ki.behan.ki.cohdyiajjgar choot ke andar sex xxxsex2050.com. Hot xxx chudhakad k e gand cut coda. Hot xxx HENDE sexy store.xxx sangita mankarboobs sex chodsex2050.com. Hot xxx KAAMVASNA sexy khet me cut gand ko tel tup lagake landse cod a HENDE sexy kahaniya.bhavisexbiharmarwadi ke beti ne thukwaya kahani hindi medihate bhai bhn ki bubusxxx hende kaneywww...sexididi foto hindi chudai ki kahanisxsx bhai bhan bhavi or14shal deber ki chodi2050 saxydotcommaa or bete ki sxxe kahaniya english mesex kahniykamukta,antarvasna xxx कहानीXxxmameri bahan kahani hindi mepapa byti porn sex kahnisafed chut sex.comwww.sex kahaneyd comBelumove panjabixxx khanechut kieHardcore randi gangbang kahanibeautiful Young open pornbahan ke boobs rang lagayahindisexkahanisuhagratantarvasna hindi sex tel ke bahanedidi bahi sex codai cahani2017लहसुन farand की sexxx कहानीनवरात्री मे चुडाईuttejitchutdidi xxxxx hindi kahanitel malish ke bhane bhabhi ne mughe choda hindi storiक्सक्सक्स हिंदी भाभी को देवर छोड माँ दाना कहानीxxx ईडीयन भाई बैहन हीडी वीडीयौhindi xxx khaniyamom sun and bhabhi sh pariwarik xxx com xxxjaithkahane hinde ma kuwaree giral ke land bur kexxx hidhikhaniyadevar bhabhi ki kahani hindi sexxxx.vidos.chada.chdaecut cudai chutkulebap beti hindi sex satoriiskul. tichr ki. antrvasnaHINDE PANTY PATEKOT BAR XXX KHANEkamukata hindi kaware bhen modal banavae sex storyअहहह.........xxxभाबी की मदद से देसी कहानियांantrvasnasexstore.com34sal ki anti ko codaxxx stories bhai bahenrice khet me dadi ki xxxx videoइंडियन टॉप लेस आंटी की वीडियोनामर्द पति की जवान बीबी सेक्स स्टोरीhindi sex estoris parivarikबिबिके सात नाहना xxxहिन्दी गालियां देकर xxx करना विडियोमाँ की छोटा बेटा कैसे चुदाई करता है विडियो xxxsamuhik chudai ki kahani with photos hotwww.antrvasnahindisexkhani.commami bajya khani sex com.holi xxxhindi storyland bur ki antarvasnakernea sexy photo com